उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार, सीएम योगी ने मेडिकल शिक्षा और इलाज व्यवस्था को मजबूत करने के दिए निर्देश
Major Expansion of Healthcare Services in Uttar Pradesh
लखनऊ। Major Expansion of Healthcare Services in Uttar Pradesh, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने आवास स्थित सभागार में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों की समीक्षा करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सशक्त बनाना है।
मुख्यमंत्री ने संस्थानों में आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ फैकल्टी और रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। डिजिटल पहल, मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट, क्लिनिकल ट्रायल यूनिट तथा मेडटेक कार्यक्रमों पर विशेष फोकस करने के लिए कहा।
चिकित्सा अनुसंधान और मेडटेक क्षेत्र में लगभग 1500 करोड़ रुपये निवेश के लिए इंटेंट फाइल किए गए हैं। सीएम ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने, टीबी एवं संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए तत्परता से कदम उठाने के लिए कहा।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 जनपदीय चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं।
वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं दी गईं, जबकि 24.33 करोड़ पैथोलोजी जांचें की गईं। वर्ष 2016-17 की तुलना में सत्र 2025-26 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई।
दस वर्षों में पीजी सीटों की संख्या 1344 से बढ़कर 5067, जबकि एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12800 तक पहुंच गई हैं। प्रदेश में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं। 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान मिलेगा तो मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक नि:शुल्क उपचार किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कोविड कालखंड में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर यथोचित समायोजन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 15.28 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई गई है। 15.14 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड लिंक किए गए हैं। सार्वजनिक-निजी सहभागिता माडल पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया भी बढ़ रही है।
महाराजगंज, शामली और संभल में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि कई अन्य जनपदों में प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में 375 एएलएस एम्बुलेंस संचालित हैं और अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस रिस्पांस टाइम को और कम करने के निर्देश दिए। 227 सीएचसी पर टेली-रेडियोलाजी सेवा संचालित है। बैठक में डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ की उपलब्धियों की जानकारी दी गई।
बताया गया कि संस्थान में 376 से अधिक रोबोटिक सर्जरी तथा 250 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। यहां प्रदेश का पहला गामा नाइफ सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। राज्य कैंसर मिशन, यूपी ट्रामा एवं इमरजेंसी नेटवर्क, प्रोजेक्ट सुश्रुत तथा केयर-यूपी मिशन पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।